Key points from Maharaj ji's morning and evening discourses, in English and Hindi.
237 discourses
बलराम पूर्णिमा सत्संग
माता वैष्णो विश्वविद्यालय कटरा में प्रवचन।
भक्ति में गंभीर बनना है
सबको प्रचारक बनना चाहिए
गाँव में प्रचार और कीर्तन
विग्रह साक्षात भगवान हैं
शुद्ध भक्त अपने आप को ही अपराधी समझते हैं
भगवान ने अपने आचरण से भक्ति सिखाई
नाम की महिमा एवं शयन एकादशी व्रत कथा।
जगन्नाथ जी के मुस्लिम भक्त
भगवान को मिलना सरल है या कठिन?
जगन्नाथ जी का स्वरूप कैसे बना?
साधु संग से ही सभी सिद्धियां प्राप्त हो सकती हैं।
संत हरिपाल की कथा।
एक महापापी का उद्धार।
निडर कैसे बना जा सकता है?
जगन्नाथ जी का प्रेम।
अविद्या के कारण हम अंत समय को भूले हुए हैं।
हम सब मोहग्रस्त क्यों हैं?
अंत समय में गोविंद का सिमरन कैसे हो पायेगा?
नाम जपने के लिए ही मनुष्य शरीर मिला है
हरिनाम ही सार है
मन को वश में करने का उपाय
एक बार नरक खाली हो गए