Key points from Maharaj ji's morning and evening discourses, in English and Hindi.
237 discourses
सारा संसार कौन सी अग्नि में जल रहा है?
सकाम सेवा करने से वाणी में बल नहीं आता।
भगवान ने दुःख-दोषों के दर्शन करने को क्यों कहा है?
संतों से मिला नाम ही फलीभूत होता है।